पानी अंगुली में चिपक जाता है लेकिन पारा नहीं ऐसा क्यों

 दोस्तों आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं कि पानी उंगली में क्यों चिपक जाता है परंतु पारा ऐसा नहीं ।
 पानी अंगुली में चिपक जाता है लेकिन पारा नहीं ऐसा क्यों
 पानी अंगुली में चिपक जाता है लेकिन पारा नहीं ऐसा क्यों

किसी वस्तु को चिपकाने के लिए जो बल प्रयुक्त होता है, वह आसंजक बल व ससंजक बल  है। आसंजक बल वह बल है जो द्रव के अणुओं के मध्य लगता है। यही बल द्रव के पृष्ठ तनाव की क्रिया को स्पष्ट करता है।यदि आसंजक बल ससंजक बल की अपेक्षा अधिक हो तभी द्रव किसी वस्तु से चिपकता है।
 पानी अंगुली में चिपक जाता है लेकिन पारा नहीं ऐसा क्यों
 पानी अंगुली में चिपक जाता है लेकिन पारा नहीं ऐसा क्यों

 पानी में आसंजक बल ससंजक बल  की अपेक्षा अधिक होती है। जिस वजह से यह हाथ को गिला करता है।इसके विपरीत उच्च पृष्ठ तनाव के कारण पारा हाथ को गिला नहीं करता है।दूसरे शब्दों में पारे का ससंजक बल आसंजक बल की अपेक्षा अधिक होता है।इसीलिए पानी उंगली में चिपक जाता है ,लेकिन  पारा नहीं।

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