मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है,किंतु पतले कांच के गिलास में ऐसा नहीं होता क्यों?

 साधारणता: कोई भी ठोस वस्तु उष्मा पाकर फैलती है,क्योंकि उस्मा से पदार्थ के अणुओं को परस्पर बांध कर रखने वाले सहसंयोजक बंध ढांके पर जाते हैं।
काँच के गिलास में जब गर्म चाय डाली जाती है,तो गिलास की भीतरी ... गिलास के भीतर की ऊष्मा बाहरी सतह तक नहीं पहुँच पाती जिससे ...
मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है,किंतु पतले कांच के गिलास में ऐसा नहीं होता क्यों?

जब हम मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालते हैं, तो गिलास की भीतरी सतह गर्म चाय से ऊष्मा पाकर शीघ्रता से फैलने का प्रयास करती है और बाहरी सतह जिसका तापमान वायुमंडलीय तापमान के बराबर होता है।उसका भीतरी सतह से दूर होने के कारण वहां हो रहे तपीश परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है,किंतु पतले कांच के गिलास में ऐसा नहीं होता क्यों?
मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है,किंतु पतले कांच के गिलास में ऐसा नहीं होता क्यों?
ऐसा होने से वह अपनी स्थिति का आकार यथावत बनाए रखता है। परंतु उधर भीतरी सतह में उष्मीय परिवर्तन के कारण हो रहे  फैलाव से बाहरी सतह चटक जाती है और गिलास टूट जाता है।
इसके विपरीत पतले कांच के गिलास की बहरी और भीतरी दोनों  सतहों में समान तापीय परिवर्तन होता है, जिससे गिलास नहीं टूटता।
 यही कारण है कि मोटे कांच के गिलास में गर्म चाय डालने से गिलास टूट जाता है, किंतु पतले कांच के गिलास में ऐसा नहीं होता है।


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