महाभियोग पर टिप्पणी

                       महाभियोग पर टिप्पणी
भारतीय संविधान के उल्लंघन के कारण राष्ट्रपति,मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के मुख्य एवं अन्य न्यायाधीशों को निर्धारित अवधि से पहले उनके पदों से हटाने के लिए भारतीय संविधान में महाभियोग का प्रावधान है । इसका जिक्र संविधान के अनुच्छेद 61,124 (4),(5), 217 और 218 में मिलता है।
महाभियोग पर टिप्पणी
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यह महाभियोग अविश्वास प्रस्ताव की भांति संसद के किसी भी सदन में 14 दिन की पूर्व सूचना पर पेश किया जा सकता है ।महाभियोग के प्रस्ताव पर सदन की कुल सदस्य संख्या का एक चौथाई सदस्यों का हस्ताक्षर होना चाहिए।
महाभियोग पर टिप्पणी
                             महाभियोग पर टिप्पणी
 एक सदन में दो तिहाई बहुमत से पास होने के बाद उसे दूसरे सदन में विचार अर्थ भेजा जाता है ।यदि दूसरा सदन भी उसे दो तिहाई बहुमत से पास कर देता है तो संबंधित व्यक्ति को उसी दिन पद से हट जाना पड़ता है। किसी भी न्यायालय में इसके विरुद्ध  अपील नहीं की जा सकती है।

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